शुगर के लक्षण | Symptoms of sugar in Hindi best 14 home remedy

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Symptoms of sugar in Hindi and 14 home remedy

Symptoms of sugar in Hindi– दोस्तों आज हम आपको एक ऐसी बीमारी के बारे में बताएंगे जिसे मधुमेह के नाम से जाना जाता है, इसे शुगर की बीमारी भी कहते हैं। अंग्रेजी में इसे डायबिटीज कहा जाता है। यह बीमारी देश ही नहीं बल्कि दुनिया में महामारी की तरह फैल रही है। यह धीरे-धीरे लोगों के शरीर में विकसित होती है। जो आगे चलकर काफी गंभीर परिणाम दे सकती है। इसीलिए इसके लक्षण को पहचानना आपकी जिम्मेदारी है। 

इस लेख में हम जानेंगे शुगर होने की क्या पहचान है। शुगर में क्या क्या तकलीफ होती है? शुगर बढ़ने के लक्षण (Symptoms of sugar in Hindi) और घर पर शुगर कैसे चेक करें। साथ ही डायबिटीज के उपाय बताएंगे। यह सभी जानकारियां हम आपके साथ आसान हिंदी शब्दों में साझा करेंगे। 

Symptoms Of Sugar In Hindi
Symptoms of sugar in Hindi

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1. मधुमेह के प्रकार (types of diabetes in Hindi)

1. टाइप-1 डायबिटीज (type 1 diabetes)

टाइप-1 डायबिटीज ज्यादातर बच्चे और किशोरों में देखी जाती है। इसका कारण स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है। लेकिन इसे ऑटोइम्यून बीमारी कहा जाता है। जो प्रतिरक्षा प्रणाली अग्न्याशय की कोशिकाओं पर हमला करती हैं। यह रोग परिवार में माता-पिता दादा-दादी में से किसी को भी हो तो, उसकी आने वाली नस्लों को यह बीमारी होने की संभावना अधिक रहती है।

2. टाइप-2 डायबिटीज (type 2 diabetes)

टाइप-2 डायबिटीज का मुख्य कारण यह माना जाता है। जब शरीर ठीक से काम करने के लिए पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता है या शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन पर प्रक्रिया नहीं कर पाती हैं। इसका आसान मतलब है ग्लूकोज रक्त में बना रहता है और इसका इस्तेमाल ऊर्जा के लिए ईंधन के रूप में नहीं हो पाता है।

3. जेस्टेशन डायबिटीज (gestational diabetes)

जेस्टेशन डायबिटीज प्रेग्नेंट महिलाओं में देखी जाती है। इसमें प्रेगनेंसी के दौरान खून में ग्लूकोज की मात्रा जरूरत से ज्यादा होती है।

यह तीन प्रकार के शुगर होते हैं आइए अब जानेंगे शुगर के क्या लक्षण क्या है।ji या फिर कह सकते हैं शुगर से होने वाले रोग क्या हैं।

2. शुगर के लक्षण (Symptoms of sugar in Hindi)

रोगी के शरीर में बढ़ते हुए ब्लड शुगर के कारण उसमें डायबिटीज के लक्षण विकसित होते हैं। ज्यादातर रोगियों प्री डायबिटीज टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित हो तो, उनमें शुरुआती दिनों में लक्षण दिखाई नहीं पढ़ते हैं।

अगर बात करें टाइप-1 डायबिटीज की तो रोगियों में लक्षण तेजी से बढ़ता है। जो काफी गंभीर परिणाम दे सकता है आइए देखते हैं टाइप-1 और टाइप-1 डायबिटीज के क्या लक्षण होते हैं।

  • अधिक प्यास लगना मधुमेह के लक्षण हो सकता है।
  • यदि बार-बार पेशाब का आना मधुमेह होने का संकेत हो सकता है।
  • बैंक अधिक लगना भी डायबिटीज का लक्षण हो सकता है।
  • अचानक से शरीर का वजन बढ़ जाना या कम होना मधुमेह का लक्षण हो सकता है।
  • थकान महसूस होना बी डायबिटीज होने का कारण हो सकता है।
  • चिड़चिड़ापन मधुमेह होने का संकेत हो सकता है।
  • आंखों के आगे धुंधलापन आ जाना मधुमेह का लक्षण हो सकता है।
  • घाव भरने में काफी लंबा समय लगना मधुमेह का लक्षण हो सकता है।
  • स्किन से संबंधित समस्या स्किन इन्फेक्शन मधुमेह का लक्षण हो सकता है।
  • मुंह से संबंधित और इन्फेक्शन मधुमेह का लक्षण हो सकता है।
  • वजाइना में किसी प्रकार का इन्फेक्शन मधुमेह का लक्षण हो सकता है।

यह सभी लक्षण टाइप 1 टाइप 2 डायबिटीज के हो सकते हैं।

3. शुगर कैसे होता है? (How does sugar happen in Hindi?)

शुगर होने का मुख्य कारण पैंक्रियाज में शरीर को इंसुलिन पहुंचना कम हो जाता है। जिससे खून में ग्लूकोज का लेवल बढ़ जाता है। जिसे हम शुगर कहते है। इंसुलिन एक हार्मोन है जो पाचक ग्रंथि के द्वारा बनता है। इंसुलिन का मुख्य कार्य शरीर में भोजन को एनर्जी में बदलने का होता है। यही हार्मोन हमारे शरीर में शुगर के लेवल को नियंत्रण करता है। शुगर होने पर शरीर को भोजन से एनर्जी बनाने में दिक्कत होती है। जिससे कारण ग्लूकोस का बढ़ा हुआ स्तर शरीर के विभिन्न अंगों को नुकसान पहुंचाने लगता है।

महिलाओं की अपेक्षा यह रोक पुरुषों में अधिक होता है। शुगर रोग ज्यादातर वंशानुगत या खराब जीवनशैली के कारण होता है। टाइप 1 डायबिटीज वंशानुगत की श्रेणी में आती है और टाइप 2 डायबिटीज अनियमित जीवन शैली की श्रेणी में आती है। ऐसे लोग जो शारीरिक मेहनत कम करते हैं। ठीक तरह से नींद नहीं लेते हैं उनका खानपान ठीक नहीं है। ज्यादातर फास्ट फूड और मीठी चीजों का सेवन करते हैं। तो ऐसे व्यक्तियों को मधुमेह होने की संभावना अधिक रहती है।

4. डायबिटीज का घरेलू उपाय (home remedy for diabetes in Hindi)

  1. 6 तुलसी के पत्ते, 6 बेलपत्र, 6 नीम के पत्ते, 6 बैगनबेलिया के हरे पत्ते और 3 साबुत काली मिर्च पीसकर खाली पेट पानी के साथ लेने से मधुमेह नियंत्रण की जा सकती है। इस उपाय को करने के बाद कम से कम आधे घंटे तक कुछ भी ना खाएं।
  1. 10 मिलीग्राम आंवला जूस के साथ 2 ग्राम हल्दी पाउडर मिलाकर दिन में 2 बार सेवन करें। इस उपाय से शुगर को नियंत्रण किया जा सकता है।
  1. अमलतास की पत्तियों को साफ करके उसका रस निकाल लें। इसका एक चौथाई कप प्रतिदिन खाली पेट पीने से शुगर में लाभ मिलता है।
  1. प्रतिदिन सुबह-शाम ग्रीन टी पीने से मधुमेह में लाभ मिलता है। इसमें उच्च मात्रा में पॉलीफेनॉल मौजूद होता है। यह एक संक्रिया एंटीऑक्सीडेंट होता है। जो ब्लड सूगर कंट्रोल करने में लाभकारी माना जाता है 
  1. भोजन करने के बाद नियमित रूप से सौंफ खाना शुगर के रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकता है। सौंफ के सेवन से मधुमेह नियंत्रण में रहता है।
  1. जामुन का सेवन काले नमक के साथ करने से डायबिटीज में लाभ मिलता है। इसके अलावा जामुन की गुठली को सुखाकर पीस लें। इसे सुबह शाम दो-दो चम्मच सेवन करने से शुगर में लाभ मिलता है।
  1. सहज की फली का सेवन करने से मधुमेह की परेशानी कम होती है। इसके अलावा इसकी पत्तियों का रस निकालकर पीने से भी लाभ मिलता है।
  1. शलजम का सेवन शुगर के रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकता है। इसे आप सब्जी का सलाद के रूप में खा सकते हैं।
  1. शुगर के रोगियों के लिए अलसी का चूर्ण फायदेमंद हो सकता है प्रतिदिन खाली पेट अलसी का चूर्ण गर्म पानी के साथ ले ऐसा करने से डायबिटीज को कम किया जा सकता है। क्योंकि इसमें फाइबर की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। जिससे पेट और शुगर दोनों को कम करने में मदद मिलती है।
  1. करेले की सब्जी खाने से डायबिटीज नियंत्रण में रहती है। इसके अलावा करेले का जूस सुबह खाली पेट पीने से डायबिटीज रोगी को लाभ मिलता है।
  1. मेथी दाने को रात भर पान के गिलास में डालकर छोड़ दें। सुबह खाली स्टेट्स का पानी पीकर मेथी चबा लें। प्रतिदिन ऐसा करने से डायबिटीज कंट्रोल में रहती है।
  1. एलोवेरा जूस के साथ आंवले का जूस मिलाकर सुबह के समय सेवन करें। यह दोनों जूस डायबिटीज की बीमारी में लाभ देते हैं।
  1. प्रतिदिन 1 ग्राम दालचीनी पाउडर को अपने आहार में शामिल करें। यह शुगर के रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकता है। इसे आप डायबिटीज दवा के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  1. आम के 10 से 15 पत्तों को रात भर पानी में भिगोकर रख दें। सुबह के समय पत्ते निकालकर इसके पानी का सेवन करें। ऐसा करना शुगर के रोगियों के लिए फायदेमंद है।

अभी तक हमने आपको ऊपर में डायबिटीज को नियंत्रण करने के लिए उपाय बताए हैं आइए अब जानते हैं डायबिटीज के दौरान क्या खाएं और क्या ना खाएं। 

5. डायबिटीज के दौरान क्या खाएं (what to eat during diabetes in Hindi)

  • डायबिटीज के दौरान अगर आप दूध का सेवन करते हैं। तो आपको डबल टोन मिल्क का प्रयोग करना चाहिए। क्योंकि इसमें फैट की मात्रा ना के बराबर होती है।
  • फ्रूट में सेब अनार अमरूद कीवी जैसे फल डायबिटीज रोगी खा सकते हैं।
  •  ड्राई फ्रूट में बादाम, काजू, पिस्ता और अखरोट खा सकते हैं।
  • लो ग्लिसमिक इंडेक्स वाली चीजों का सेवन करें। इसमें आप हरि  सब्जियां और पत्तेदार सब्जियों को शामिल कर सकते हैं।

6. डायबिटीज के दौरान क्या ना खाएं (what not to eat during diabetes in Hindi)

  • डायबिटीज के दौरान  फुल फैट मिल्क का प्रयोग ना करें। क्योंकि फैटी चीज का सेवन डायबिटीज रोगियों के लिए ठीक नहीं होता है।
  • फ्रूट में आप आम, पपीता और अंगूर का सेवन ना करें। क्योंकि इसमें मीठे की मात्रा अधिक होती है। जो डायबिटीज रोगियों के लिए ठीक नहीं मानी जाती है।
  • ड्राई फ्रूट में किसमिस, छुहारे और अंजीर से परहेज करें। क्योंकि इन में शुगर की मात्रा अधिक होती है जो डायबिटीज रोगियों के लिए ठीक नहीं होती।
  • मीठे पदार्थ यानी मिठाइयों का सेवन करने से परहेज करें। मीठी चाय की जगह विक्की चाय का प्रयोग करें ।

यह सभी जानकारियां शुगर के रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकती है। इसी के मध्य नजर रखते हुए आपको अपने खान-पान पर ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा डॉक्टर द्वारा बताए गए आहार अपनी डाइट में शामिल करें। 

आइए और नीचे की ओर बढ़ते हैं और लोगों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब देते हैं। जिससे हम गूगल FAQ कहते हैं।

FAQ

महिला में शुगर के लक्षण और पुरुषों में शुगर के लक्षण

बार बार टॉयलेट आना, बहुत भूख लगना, बहुत प्यास लगना, अचानक से वजन बढ़ना या कम होना, थकान, चिड़चिड़ापन, आंखों में धुंधलापन, घाव देर से भरना आदि। महिला और पुरुष में शुगर के लक्षण के कारण हो सकते हैं।

बच्चों में शुगर के लक्षण

अधिक प्यास लगने से ज्यादा पेशाब आने की समस्या होती है। बच्चों में यह टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज का लक्षण हो सकता है।

मधुमेह टाइप 2 के लक्षण

टाइप टू डायबिटीज में त्वचा का रंग बदलने लगता है इसमें हाथ पैर गर्दन और कौन यों का रंग नीला पड़ सकता है। 

चश्मे का पावर बढ़ जाना या कम होना टाइप-2 डायबिटीज का लक्षण होता है। ऐसी स्थिति में कमजोर आंखे भी बिना चश्मे के साथ देखने लगती है। लेकिन यह डायबिटीज रोगियों के लिएठीक नहीं माना जाता है।

टाइप-2 डायबिटीज के लक्षणों में से खुजली का भी  इसका लक्षण माना जाता है।

यूरिन में शुगर के लक्षण

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