त्रिफला चूर्ण के फायदे | 12 benefits of triphala powder hindi

benefits of triphala powder hindi

हमारे आयुर्वेद में कई ऐसी औषधीय गुण वाली चीजें पाई जाती हैं, जिनके इस्तेमाल से सेवन से कई समस्याओं को दूर किया जा सकता है। उन्हीं औषधीय गुणों में से एक है त्रिफला। त्रिफला जड़ी बूटी तीन चीजों से मिलकर बनाई जाती है पीली हरड़, आंवला और बहेड़ा। लेकिन लोगों को इसका सेवन किस प्रकार करना चाहिए ज्यादातर लोगों को इसके बारें में पता नहीं है। साथ ही इस के औषधि गुण के फायदे के बारे में भी नहीं जानते हैं। इस लेख में हम आपको इस विषय पर आसान हिंदी शब्दों में जानकारी देंगे।

आयुर्वेद में त्रिफला का उपयोग अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं के लिए किया जाता है। जिनमें पाचन रोग, कब्ज, त्वचा की समस्याएं, श्वसन संबंधी समस्याएं और आँखों से सम्बंधित रोग शामिल हैं। इसके अलावा इसमें एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में सहायक होते हैं। 

यह बाजार में अलग-अलग रूप में उपलब्ध है जिसमें टेबलेट कैप्सूल पाउडर आदि शामिल है। लेकिन ज्यादातर लोग गूगल पर यह पूछते हैं पतंजलि त्रिफला चूर्ण के फायदे, बैद्यनाथ त्रिफला चूर्ण के फायदे और डाबर त्रिफला चूर्ण के फायदे। लेकिन आपको बता दें कि यह सभी चूर्ण एक ही होता है और कंपनियां इसे अपना नाम और ब्रांड के रूप में प्रमोट करती हैं। आइए इस पोस्ट के माध्यम से त्रिफला चूर्ण के क्या फायदा है जनते है। पढ़ना जारी रखें

त्रिफला चूर्ण का फायदा
benefits of triphala powder hindi

1. त्रिफला क्या होता है?

त्रिफला को एक आयुर्वेदिक हर्बल औषधि माना जाता  है जिसमें तीन फल होते हैं: आमलकी (Emblica Officinalis), Bibhitaki (Terminalia Bellirica), और Haritaki (Terminalia chebula)। इस अभी को सुखाकर पाउडर के रूप में तैयार किया जाता है, जिसका उपयोग कई स्वास्थ्य फायदे के लिए किया जाता है।

त्रिफला चूर्ण त्रिफला फल का एक चूर्ण रूप है, जिसका उपयोग आमतौर पर आयुर्वेदिक चिकित्सा में होता है। इसे त्रिफला के तीनों फलों को बराबर मात्रा में पीसकर बनाया जाता है। शब्द “चूर्ण” का अर्थ संस्कृत में चूर्ण होता है, और यह त्रिफला चूर्ण के लिए आमतौर पर इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है।

2. यह होते है त्रिफला चूर्ण का फायदा

1 पाचन स्वास्थ्य:

आयुर्वेद चिकित्सा में पाचन से संबंधित समस्या के लिए त्रिफला का प्रयोग किया जाता है यह कब्ज की समस्या दूर कर मल त्याग को नियंत्रण करने में मदद करता है। इसके अलावा यह पाचन तंत्र में सूजन और जलन को कम करने में मदद कर सकता है।

2 प्रतिरक्षा प्रणाली का समर्थन: 

त्रिफला के सेवन से प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा मिलता है। जिससे शरीर में बीमारी को जोखिम कम होता है। क्योंकि इसमें एंटी ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जो शरीर को मुक्त कणों और ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद कर सकते हैं।

3 त्वचा का स्वास्थ्य: 

त्वचा के स्वास्थ्य के लिए त्रिफला चूर्ण लेना फायदेमंद हो सकता है क्योंकि यह स्वस्थ कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाता है जिससे त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है। इसके अलावा यह बढ़ती उम्र के कारण त्वचा पर होने वाली झुर्रियों को कम करने में मदद सकता है।

4 वजन कम करना: 

वजन कम करने के लिए त्रिफला चूर्ण लाभदायक हो सकता है। क्योंकि इसके सेवन से पाचन और चयापचय को बढ़ावा मिलता है। जो वजन घटाने में मददगार हो सकता है। साथ ही इसके सेवन से अधिक भूख लगने से रोकने में मदद मिल सकती है।

5 आँख के स्वास्थ्य: 

आंखों के स्वास्थ्य के लिए त्रिफला चूर्ण फायदेमंद हो सकता है क्योंकि यह आंखों में सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मददगार है। यह मोतियाबिंद और अन्य आंखों के रोगों से बचाव में मदद कर सकता है। 

6 श्वसन स्वास्थ्य: 

श्वसन से जुड़ी समस्या में त्रिफला चूर्ण फायदेमंद होता है।के  क्योंकि यह श्वसन रास्ते में सूजन और जलन को कम करने में मदद करता है। यह श्वसन स्वास्थ्य को बेहतर करता है। साथ ही अस्थमा और अन्य श्वसन रोगों को रोकने में भी मदद कर सकता है।

7 रक्त शर्करा नियंत्रण:

रक्त शर्करा नियंत्रण करने में त्रिफला चूर्ण फायदेमंद हो सकता है क्योंकि यह इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार कर उच्च रक्तचाप की समस्या को ठीक करता है। साथ ही यह मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

8 हृदय स्वास्थ्य: 

हृदय स्वास्थ्य के लिए त्रिफला चूर्ण फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है। साथ ही यह धमनियों में प्लाक के निर्माण को रोकता है। यह रक्तचाप कम करने और परिसंचरण में सुधार में भी मदद कर सकता है।

9 लिवर सपोर्ट: 

त्रिफला का सेवन लिवर के लिए लाभदायक हो सकता है। क्योंकि यह लीवर में सूजन और ऑक्सिडेटिव तनाव को कम करके इसकी कार्य क्षमता को बेहतर करता है। त्रिफला के सेवन लीवर से संबंधित रोगों से बचाव में मदद मिल सकती है।

10 कैंसर रोधी: 

कैंसर जैसी समस्या में त्रिफला काफी फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि यह कैंसर की कोशिकाओं के विकास और निर्माण को रोकने में मदद कर सकता है। यह कीमोथेरेपी और विकिरण जैसे कैंसर के उपचार के दुष्प्रभावों को कम करने में सहयोग कर सकता है।

11 तनाव से राहत: 

तनाव चिंता को दूर करने में त्रिफला का सेवन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। क्योंकि यह कॉर्टिसोल के स्तर को कम करने में मदद करता है। जिसे चिंता और तनाव की समस्या दूर होती है। साथ ही यह नींद की गुणवत्ता को भी अच्छा करता है। जिससे चिंता और तनाव कम करने में मदद मिल सकती है।

12 दंत स्वास्थ्य: 

दातों के स्वास्थ्य के लिए त्रिफला चूर्ण लाभकारी हो सकता है क्योंकि यह मुंह के हानिकारक जीवाणुओं के विकास को रोकता है जिससे दांतों के स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है यह मसूड़ों की बीमारी और दातों में सड़न को रोकने में मददगार हो सकता है।

3. त्रिफला चूर्ण खाने से क्या नुकसान होता है?

1 गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल साइड इफेक्ट्स: 

अधिक मात्रा में त्रिफला का सेवन करने से बचना चाहिए। क्यों यह पेट से जुड़ी समस्या पैदा कर सकता है जैसे दस्त, पेट दर्द और सूजन का कारण बनता है। यदि इसे पर्याप्त पानी के बिना सेवन करते हैं तो यह समस्या हो सकती है।

2 दवा के साथ इंटरेक्शन: 

यदि आप उच्च रक्तचाप की दवा रक्त पतला करने की दवा या मधुमेह की दवा का सेवन कर रहे हैं तो आपको अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। क्योंकि इन दवाओं के साथ सेवन करने से नुकसानदायक हो सकता है।

3 एलर्जी प्रतिक्रियाएं: 

कुछ लोगों को त्रिफला चूर्ण के एक या अधिक फलों से एलर्जी हो सकती है, विशेष रूप से आंवले से। इसमें त्वचा पर लाल चकत्ते, पित्ती या सांस लेने में दिक्कत हो सकती हैं।

4 गर्भावस्था और स्तनपान: 

गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान त्रिफला चूर्ण नुकसानदायक हो सकता। इसलिए गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को त्रिफला का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

5 अनिद्रा की समस्या

यदि आपको अनिद्रा की समस्या है तो इस दौरान त्रिफला का सेवन नहीं करना चाहिए। यह नींद ना आने की समस्या को और बढ़ सकता है।

6 वजन कम होने की समस्या

दुबले पतले लोगों के लिए लगातार त्रिफला का सेवन नुकसानदायक हो सकता है क्योंकि इससे वजन घटना की प्रक्रिया बढ़ जाती है ऐसे में इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

यह भी पढ़ें कैसे 1 महीने में 10 किलो वजन बढ़ाने के लिए उपाए करें

4. त्रिफला चूर्ण सेवन करने के नियम

यह है त्रिफला का सेवन करने का सही नियम

सुबह खाली पेट या भोजन करने के आधे घंटा पहले या आधे घंटे बाद त्रिफला का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा पानी के साथ सेंधा नमक और चीनी मिलाकर सुबह-शाम उसका सेवन कर सकते हैं। ऐसा करने से आपकी सेहत को ज्यादा फायदा होगा।

5. त्रिफला की तासीर 

त्रिफला की तासीर गर्म होती है, इसलिए गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि यह गर्भपात का कारण बन सकता है। इसके अलावा स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी इस से परहेज करना चाहिए।

6. रिलेटेड FAQ

त्रिफला चूर्ण कौन कौन सी बीमारी में काम आता है? 

बीमारियों में त्रिफला चूर्ण रामबाण है
मोटापे की बीमारी में त्रिफला चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ लेने से वजन कम करने में मदद मिलती है इसके अलावा अन्य बीमारी जैसे मधुमेह, त्वचा रोग, मूत्र संबंधित रोग, लिवर रोग और पाचन की बीमारी में काफी फायदेमंद है।

त्रिफला कब नहीं खाना चाहिए?

इन स्थिति में त्रिफला खाने से बचें
स्तनपान कराने वाली महिलाएं अथवा गर्भावस्था के दौरान त्रिफला चूर्ण का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है। जो गर्भपात का कारण बन सकती है। इसके अलावा वे लोग जो वजन बढ़ाना चाहते हैं। इसका नियमित सेवन ना करें क्योंकि इसके सेवन से वजन कम हो सकता है।

पेट साफ करने के लिए त्रिफला कैसे खाएं?

पेट साफ करने के लिए त्रिफला चूर्ण का करें इस्तेमाल।
रात का खाना खाने के 30 से 40 मिनट बाद आधा चम्मच त्रिफला चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ लें। ऐसा करने से सुबह पेट अच्छे से साफ होता है जिससे शरीर में तरोताजा जैसा महसूस होता है।

बबासीर में त्रिफला चूर्ण के फायदे क्या हैं?

बाबासीर की बीमारी में त्रिफला रामबाण है करें ऐसे इस्तेमाल। एक बड़ा चम्मच त्रिफला चूर्ण को एक कप पानी में उबाल लें। आप चाहे तो स्वाद के लिए इसमें शहद का प्रयोग कर सकते हैं। इस चाय को दिन में 2 से 3 बार पीने से बवासीर की समस्या से राहत मिलती है।

त्रिफला चूर्ण किस कंपनी का अच्छा होता है?

Baidyanath, Patanjali और Dabar Triphala Churna कंम्पनी काफी अच्छी मन जाती है। यह कॉन्स्टिपेशन, गैस और इनडाइजेशन जैसी परेशानियों में बहुत असरदार है। यह डाइजेसिव सिस्टम को ठीक करने में सहयोग करता है और मजबूत करता है। इन सभी कंम्पनी में बेहतरीन किस्म के आंवला, हरड़ और बहेड़ा का इस्तेमाल किया गया है।

बैद्यनाथ त्रिफला चूर्ण के price

500 ग्राम बैद्यनाथ त्रिफला चूर्ण का प्राइस ऑनलाइन अमेजॉन पर ₹297 है। यदि आप इसे लोकल मार्केट में लेने जाए तो या इससे कम दाम में भी मिल सकता है।

पतंजलि त्रिफला चूर्ण के फायदे price

500 ग्राम पतंजलि त्रिफला चूर्ण का प्राइस amazon.com पर ₹325 है। यदि लोका मार्केट की बात की जाए तो या इससे कम दाम पर मिल सकता है।

डाबर त्रिफला चूर्ण के फायदे price

सौ ग्राम डाबर त्रिफला चूर्ण की कीमत ₹32 है। यह प्राइस ऑनलाइन अमेजॉन का है। यदि बात करें लोकल मार्केट के तो यह और भी कम दाम में मिल सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here