Protein kya hai 15 jankari Advantages and disadvantages of eating protein

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Protein

Protein

आज के इस लेख में हम चर्चा करेंगे प्रोटीन क्या है? यह हमारे शरीर के लिए क्यो जरूरी है। एक व्यक्ति के शरीर को प्रतिदिन प्रोटीन की कितनी जरूरत होती है। साथ ही प्रोटीन आहार कौन कौन से है किस फूडस में कितने प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है। इसके अलावा स्पोर्ट्स जिम या किसी अन्य स्पोर्ट्स एक्टिविटी में इंवॉल लोगों को डेली प्रोटीन आवश्कता के बारे चर्चा करेंगे।

प्रोटीन (Protein) हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है। प्रोटीन से हमारे शरीर की ग्रोथ होती है यह हमारे बाल, त्वचा और आँखों के लिए बहुत लाभकारी होता है। यदि हमारी डेली प्रोटीन की जरूरत पूरी न हो तो हमारा शरीर कमजोर होने लगेगा। इसलिए आपको अपनी डेली आहार में प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा लेनी चाहिए। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए प्रोटीन के डेली जरूरत नेचुरल डाइटस से प्राप्त करें। अगर आप जिम या किसी अन्य स्पोर्ट्स एक्टिविटी में इन्वॉल्व है तो आप सप्लीमेंट का इतेमाल कर सकते है। आइए विस्तार से इसकी चर्चा करते है। 

प्रोटीन डाइट क्या है? (What is Protein Diet?)

प्रोटीन (Protein) डाइट क्या है यह सवाल कई लोगों के मन में उठता है। खासकर वह लोग जो अपनी बॉडी बनाने के लिए जिम जॉइन करते है और उन्हें जानकारी का अभाव होता है। उन्हें नही पता होता प्रोटीन डाइट क्या है। और जब जिम में किस अच्छी बॉडी वाले लड़के को देखते है तो उनसे पूछते है,

हमे आपके जैसी बॉडी बनानी है कैसे बनाये जवाब में यही सुनने को मिलता है अच्छा प्रोटीन डाइट लिया करो की सलाह दी जाती है। यह सुनकर वह लोग सोच में डूब जाते है यह प्रोटीन ( Protein) किस चिड़िया का नाम है। इस लेख के मध्यम से आपको प्रोटीन डाइट की पूरी जानकारी मिलेगी जिससे आप लोगों को प्रोटिन डाइट क्या है समझने में आसानी होगी।

प्रोटीन डाइट के बारे में जानने से पहले हम जानेंगे (Protein) क्या है।

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प्रोटीन क्या है? (What is Protein?)

प्रोटीन एक जटिल कार्बनिक यौगिक है जो बहुत से एमिनो अम्लों से मिलकर बनता है। प्रोटीन शब्द का प्रयोग सर्वपर्थम बर्जीलियस नामक वैज्ञानिक ने किया था। प्रोटीन का अपना योगदान वृद्धि तथा ऊतको मरम्मत स्वस्थ्य रखने में करते है। प्रतिन हमें शरीर के निर्माण में सहता करता है।  यह सबसे महत्वपूर्ण योगिक है। मानव शरीर का 15% भाग प्रोटीन से बना होता है। 

प्रोटीन के प्रकार? (Types of Proteins?)

प्रोटीन के मुख्या तीन प्रकार है या कहे प्रोटीन को तीन प्रकार में बता गया है।

  •  सरल प्रोटीन- सरल प्रोटीन वह प्रोटीन है जो केवल एमिनो अम्लों से बना होता है इसके जल अपघटन में अमीनों अम्ल प्राप्त होता है। 

जैसे-  ऐल्व्युमिन, ग्लोवयूलिन, ग्लोबिन, प्रोटेमिन्स, हिस्टोन, प्रोलेमीन, एल्ब्युमेनाइड, ग्लोमेन्स आदि। यह शब्द समझने में भले ही काठी हो लेकिन आपको जरूर समझना चाहिए।

  •  सयुग्मी प्रोटीन- ये वे प्रोटीन है जिसमे अमीनो अम्ल के साथ अन्य अणु भी जुड़े होते है। अमीनों अमल रहित भी सयुग्मी प्रोटीन होते है। जिन्हें प्रोस्यटिक समूह भी कहते है।

जैसे- हीमोग्लोबिन, साइटोक्रोम, मयूसीन, हिपरेन, लार आदि।

  • व्युत्पन्न प्रोटीन- ये वे प्रोटीन है को प्रकृति प्रोटीनों के जल अपघटन से बनते है।

जैसे-  रक्त का फैब्रिन, पेप्टोन, इन्सुलिन आदि।

प्रोटीन क्यो जरूरी है हमारे शरीर के लिए? (Why is protein important for our body?)

जैसा कि हमने ऊपर के लेख में बताया है मानव शरीर का 15% भाग Protein से बना हुआ है। यह हमारे शारीरिक विकास के लिए महत्वपूर्ण योगदान देता है। यदि हमारी डाइट में प्रोटीन न हो तो हमारा शारिरिक विकास ठीक से नही होगा। इसलिए अपनी डाइट में प्रोटीन (Protein) की पर्याप्त मात्रा लेना जरूरी है।

एक सामान्य व्यक्ति और स्पोर्ट्स मेन को डेली कितना प्रोटीन की आवश्कता होती है?

सामान्य व्यक्ति से हमारा मतलब है वह लोगों जो किसी प्रकार की स्पोर्ट्स एक्टिविटी में इन्वॉल्व न हो। सामान्य व्यक्ति की डेली प्रोटीन की जरूरत उनके वजन के अनुसार होती है। इसे हम उदाहरण से समझते है एक व्यक्ति जिसका वजन 50kg है तो उसकी प्रोटीन की जरूरत 50 ग्राम होगी।

जो लोग किसी स्पोर्ट्स एक्टिविटी में है Gym करते है। प्रति किलो 1.5 ग्राम प्रोटीन की जरूरत प्रतिदिन होती है, इसे भी उदहारण से समझते है एक 50kg के व्यक्ति को 75 ग्राम प्रोटीन आवश्कता होती है। अगर एक अच्छी संतुलित डाइट ली जाए तो सामान्य व्यक्ति और स्पोर्ट्स में के सारीरिक विकास में कोई काम नही आती है।

प्रोटीन की कमी से होने वाली समस्या? (Protein deficiency problem?)

  • बाल झड़ने की समस्या भी प्रोटीन की कमी के कारण होता है, बालों के पोषण के लिए प्रोटीन युक्त डाइट लेना फायेदेमंद होता है। यह बालों को स्वस्थ मजबूत व चमकदर बनाने में मदद करता है।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होना भी प्रोटोन की कमी का संकेत है। यदि भोजन में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन न खाया जाए तो शरीर कमजोर होने लगता है, जिसके कारण रोगप्रतिरोधक क्षमता भी कम होने लगती है।
  • शरीर का अचानक से फूला हुआ लगना तो यह एडिमा के लक्षण होता है। शरीर का जब कोई भी अंग फूलने लगता है या उसमें सूजन की समस्या होने लगती है तो मेडिकल भाषा में इसे एडिमा का रोग कहा जाता है।
  • बच्चों में प्रोटीन की कमी होने के कारण उनकी लंबाई व शारीरिक विकास रुक जाता है। ऐसे में उनकी शारीरिक विकास के लिए डाइट में प्रोटीन शामील करने से उनकी लम्बाई और शारीरिक विकास अच्छे से होने लगेगा।

प्रोटीन की आवश्यकता क्यों होती है? (Why is protein needed?)

हमारे सरीर की अच्छी ग्रोथ और स्वास्थ्य के साथ बालों के लिए तथा अकर्षक स्किन के लिए प्रोटीन की आवश्कता होती है। मांसाहारी लोगों की तुलना में शाकाहारी लोगों को प्रोटीन की कमी पूरा करना थोड़ा कठीन है पर नामुमकिन नही अगर आप शाकाहारी है तो हम आपको कुछ ऐसे आहार के बारे में बताने जा रहे है जिनसे आप अपनी डेली प्रोटीन आवश्यकता को पूरा करने में आसानी होगी।

Dry Fruits Protein

ड्राई फ्रूट्स प्रोटीन

ड्राई फ्रूट्स प्रोटीन का एक बेहतर विकल्प है शाकाहारी लोग अपनी डाइट में बादाम, काजू मूंगफली, पिस्ता, ओर अखरोट शामिल कर सकते है। इन सभी ड्राई फ्रूट्स का एक मुठी भर प्रितदिन सेवन करना चाहिए है। 100 ग्राम ड्राई फ्रूट्स पाए जाने वाले प्रोटीन की मात्रा की बात करते है किस ड्राई फ्रूट्स में कितने प्रोटीन की मात्रा मौजूद होती है।  

100 ग्राम बादाम में प्रोटीन की मात्रा  (22.g) 

100 ग्राम काजू में प्रोटीन की मात्रा (18.g)

100 ग्राम पिस्ता में प्रोटीन की मात्रा (10.g)

100 ग्राम मूंगफली में प्रोटीन की मात्रा (26.g)

100 ग्राम अखरोट में प्रोटीन की मात्रा (15.g)

सोयाबीन प्रोटीन

सोयाबीन का सेवन शाकाहारी व्यक्ति के लिए काफी फायदेमंद है। इसमे प्रोटीन की मात्रा भरपुर होती है। इसे सुपर शाकाहारी प्रोटिन के रूप में भी जाना जाता है।

सोयाबीन में पाए जाने वाले प्रोटीन की मात्रा कितनी होती है? 

100 ग्राम सोयाबीन में प्रोटीन की मात्रा (52.g)

Which Pulse Found The Most Protein

किस दाल में सबसे ज्याद प्रोटीन पाया? (Which pulse found the most protein?)

शाकाहारी लोगों के लिए दालें भी प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। लगभग सभी दलों में प्रोटीन पाया जाता हैं। अपने डेली आहार में प्रोटीन की पूर्ति करने के लिए दालों को अवश्य शामिल करना चाहिए। आइए जानते है किस दाल में कितने प्रोटीन की मात्रा उपलब्ध होती है। 

100 ग्राम साबुत मूंग दाल में प्रोटीन की मात्रा ( 25.g)

100 ग्राम मूंग दाल में प्रोटीन की मात्रा (14.2)

100 ग्राम मोठ दाल में प्रोटीन की मात्रा  (23.g)

100 ग्राम मसूर दाल में प्रोटीन की मात्रा (9.g)

100 ग्राम राजमा में प्रोटीन की मात्रा दाल (17.3)

100 ग्राम अरहर दाल में प्रोटीन की मात्रा  (22.g)

100 ग्राम चना दाल में प्रोटीन की मात्रा(21.g)

100 ग्राम लोभिया दाल में प्रोटीन की मात्रा  (24.g)

100 ग्राम सोयाबीन दाल में प्रोटीन की मात्रा (36.5g)

दालों की बात करें तो सबसे ज्यादा प्रोटीन साबुत मूंग की दाल और सोयाबीन की दाल में पाया जाता हैं। सोयाबीन की दाल प्रोटीन (Protein) का एक बेतरीन स्रोत माना जाता हैं। वहीं बात करें साबुत मूंग दाल की इसमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन होता हैं। इससे आप भिगोकर अंकुरित करके भी खा सकते है, ऐसा करने से दो गुना लाभ मिलेगा। 

दालों से प्राप्त किया प्रोटीन के फायदों की बात करें तो, हमारे शरीर के लिए प्रोटीन के अद्भुत फायदे हैं। जैस की हम बार बार आपका ध्यान केंद्रित कर रहे है प्रोटीन से मसल्स की रिपेयर व ग्रोथ के लिए, बालों के स्वास्थ्य व चमकदार बनने के लिए, त्वचा के आकर्ष्क दिखने के लिए, आंखों की रोशनी के लिए, शरीर की ग्रोथ व फिट दिखने के लिए प्रोटीन फायदेमंद होता हैं। 

प्रोटीन की पूर्ति करने के लिए

प्रोटीन की पूर्ति करने के लिए डेरी प्रोडक्ट्स का सेवन करना फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमे भी भरपूर मात्रा में प्रोटीन मौजूद होता है। शाकाहारी लोग डेरी प्रोडक्ट्स का सेवन करके अपने प्रोटीन की आवश्कता पूरा कर सकते है। जैसे दूध, दही, पनीर, माखन और छांज आदि। यह सभी आपकी डेली प्रोटीन की पूर्ति करने के साथ साथ आपको स्वस्थ्य रखने में मदद करते है। जानते है किस देरी प्रोडक्ट में कितना की मात्रा पायी जाती है। 

100 ग्राम दूध में प्रोटीन की मात्रा (3.4 g)

 100 ग्राम दही में प्रोटीन की मात्रा (10.g)

100 ग्राम में मक्खन प्रोटीन की मात्रा (0.9.g)

100 ग्राम में पनीर प्रोटीन की मात्रा (25.g

100 ग्राम में क्रीम प्रोटीन की मात्रा (2.7.g)

सब्जियों में भी प्रोटीन

सब्जियों में भी प्रोटीन

सब्जियों में भी प्रोटीन (Protein) होता है खासकर हरी मटर में प्रोटीन की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। शाकाहारी लोग सब्जियों का सेवन करके प्रोटीन की पूर्ति कर सकते है। वैसे तो कई सब्जियों में प्रोटीन की मात्रा उपलब्ध होती है लेकिन हम कुछ चुनिंदा सब्जियों की बात करेंगे जैसे- ​पत्ता गोभी, फूलगोभी, ​पालक, टमाटर, ​हरी मटर, मशरूम आदि में प्रोटीन की मात्रा मौजूद होती है। सब्जियों का महत्व प्रोटीन के लिए ही नही है यह अच्छे स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है। इसलिए आहार में इन सब्जीयों के अलावा अन्य सब्जियों का भी सेवन करना चाहिए। आइये जानते सब्जियों में कितनी प्रोटीन की मात्रा पायी जाती है।

100 ग्राम हरी मटर में प्रोटीन की मात्रा (5.g)

100 ग्राम पत्ता गोभी में प्रोटीन की मात्रा (1.3.g)

100 ग्राम फूलगोभी में प्रोटीन की मात्रा (1.9.g)

100 ग्राम पालक में प्रोटीन की मात्रा (3.g)

100 ग्राम टमाटर में प्रोटीन की मात्रा (0.2.g) 

100 ग्राम मशरूम में प्रोटीन की मात्रा (3.1.g)

फलों में भी प्रोटीन

फलों में भी प्रोटीन पाया जाता है इसलिए शाकाहारी लोग फलों का सेवन प्रतिदिन कर सकते है, जिससे उन्हें प्रोटीन (Protein) की कमी नही होगी। कुछ ऐसे फल जिनसे आप प्रोटीन प्राप्त कर सकते है जैसे- अवकाडो, किसमिश, सुखी चेरी, कटहल, अमरूद और कीवी आदि। यह सभी फल शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन की कमी को पूरा करते है। फलों में मौजूद प्रोटीन की मात्रा को भी देखते है। 

100 ग्राम अवकाडो में प्रोटीन की मात्रा (2g)

100 ग्राम किसमिश में प्रोटीन की मात्रा (3.1g)

100 ग्राम सुखी चेरी में प्रोटीन की मात्रा (1.4g)

100 ग्राम कटहल में प्रोटीन की मात्रा (1.7g)

100 ग्राम अमरूद में प्रोटीन की मात्रा (2.6g)

100 ग्राम कीवी में प्रोटीन की मात्रा (1.1 g)

12. शाकाहारी सीड्स प्रोटीन क्या है? (What is vegetarian seeds protein?)

शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन (Protein) का एक और विकल्प है, जिसे हिंदी में बीज और अंग्रेजी में सीड्स के नाम से जाना जाता है। यह बीज प्रोटीन के साथ साथ हमारे शरीर को कई पोषण तत्व प्रदान करते है। इससे आपको प्रोटीन की पूर्ति करने में काफी मदद मिलेगी। इसमे कई प्रकार के सीड्स है जैसे- सनफ्लावर सीड्स, पम्पकिन सीड्स, चिया सीड्स और फ्लेक्सीडस यानी अलसी के बीज। सीड्स में कितना प्रोटीन की मात्रा होती है इसकी भी चर्चा करते है। 

100 ग्राम सनफ्लावर सीड्स में प्रोटीन की मात्रा (21g)

100 ग्राम पम्पकिन सीड्स में प्रोटीन की मात्रा (19g)

100 ग्राम चिया सीड्स में प्रोटीन की मात्रा (17g)

100 ग्राम फ्लेक्सीडस  में प्रोटीन की मात्रा (18g)

What Is Non-Vegetarian Protein

13. मांसाहारी प्रोटीन क्या है? (What is non-vegetarian protein?)

मांसाहारी प्रोटीन स्रोत- मांस, मछली, अंडा, एवं यकृत प्रोटीन के अच्छे स्रोत है। यह सभी आहार मांसाहारी लोगों के लिए एक एडवांटेज है। जो लोगों मांस मछ्ली का सेवन करते है उनके पास यह एक अतिरिक्त विकल है। मांसाहारी लोग शाकाहारी आहार के सेवन के साथ साथ मांस मछ्ली का भी सेवन कर सकते है।

100 ग्राम चिकन में प्रोटीन की मात्रा (27g)

100 ग्राम मटन में प्रोटीन की मात्रा (25g)

एक ग्राम अंडा में प्रोटीन की मात्रा (6g)

14. प्रोटीन डाइट दिन में कब और कैसे खएँ? (When and how to eat protein diet during the day?)

प्रोटीन आहार लेने का सही तरीका दिन में 4 से 5 बार अपनी भोजन ले, आप अपनी भोजन में 3 से 4 घंटे का अंतराल रखे।

अभी तक हमने इस लेख में प्रोटीन खाने के फायदे और किस फूडस में कतने प्रोटीन (Protein) की मात्रा पाई जाती है के बारें में जाना, पर हम आपको बता दें की प्रोटीन खाने के कुछ नुकसान भी हैं। जरूरत से ज्यादा प्रोटीन का सेवन करने से हो सकता जैसे- कब्ज और ब्लोटिंग की समस्या, डिहाइड्रेशन की समस्या, वजन बढ़ने की समस्या, हड्डियों में कजोरी की समस्या, और किसनी की समस्या आदि। इसलिए प्रोटीन का सेवन सिमित मात्रा में करना चाहिए। 

15. प्रोटीन का अधिक सेवन करने के नुकसान?  (Disadvantages of consuming too much protein?)

  • प्रोटीन का अधिक सेवन वजन बढ़ाता है (Excess intake of protein leads to weight gain)

वैसे तो प्रोटीन को वजन कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इसका अधिक मात्रा में करने से वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है। अगर आप वजन बढ़ाना चाहते है तो ऐसी स्थिति में भी आपको प्रोटीन का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। वजन बढ़ाने के और भी अन्य उपाए है जिसकी चर्चा अपने दूसरे पोस्ट में करेंगे।

  • कब्ज और ब्लोटिंग का खतरा बढ़ाता है (Increases Risk of Constipation and Bloating)

प्रोटीन ज्यादा लेने से प्रोटीन को पचने में दिकत आ सकती है। यदि प्रोटीन सही पचेगा नहीं तो कब्ज की समस्या का कारण बन सकता है। क्योकि प्रोटीन मील को काफी हैवी मील माना जाता है, इसे पचना आसान नहीं होता इसिलए प्रोटीन की हैवी और अधिक मील लेने से ब्लोटिंग की समस्या भी हो सकती है।  

  • डिहाइड्रेशन की समस्या (Dehydration problem)

प्रोटीन (Protein) का अधिक सेवन करने से प्यास भी ज्यादा लगेगी।  ऐसे स्थिति में अगर आप कम पानी पीते है तो डिहाइड्रेशन की समस्या का समना करना पड़ सकता है।

  • किडनी को नुकसान कर  सकता है (Can Damage the Kidneys)

प्रोटीन का अधिक सेवन किडनी के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। अगर शरीर में प्रोटीन की मात्रा अधिक हो तो किडनी को नाइट्रोजन से छुटकारा पाने में कठनाई होती है। किडनी के रोग से जूझ रहे लोगों को प्रोटीन की सिमित मात्रा ही लेनी चाहिए।  साथ ही डॉक्टर की सलह जरुर लें। 

  • हड्डियां कमजोर होने की समस्या (The problem of weakening bones)

अधिक मात्रा में  प्रोटीन (Protein) का सेवन करना हड्डियों की सेहत पर बुरा असर डालती सकता है। जिस कारण से ऑस्टिओपोरोसिस (Osteoporosis) या हड्डियों में दर्द की समस्या को उतपन्न हो सकती है। कई अध्यन में इस बात का जिक्र है प्रोटीन का आधीक मात्रा में सेवन करने से शरीर में कैल्शियम को कम होने की समस्या  उतपन्न होती है। 

केसीन प्रोटीन का पाचन कौन करता है? (Who digests casein protein)
दूध केसीन प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है, इसे रात के खाने के एक से डेढ़ घंटे बाद ले सकते है। केसीन प्रोटीन स्लो पचता है। यह रात के समय शरीर में प्रोटीन की कमी नहीं होने देगा।

मोटा होने के लिए प्रोटीन? (Protein to get fat)
मोटा होने के लिए प्रोटीन के साथ सम्पूर्ण डाइट का मिश्रण होना चाहिए कार्ब, विटमिंस, फैट और प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा हो।

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