1. piles ka ilaj home remedies for hemorrhoids in Hindi

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बाबासीर का घरेलू उपचार, सही खानपान, परहेज

piles ka ilajबाबासीर जिसे अंग्रेजी में पाइल्स और हेमरॉयड (Piles and hemorrhoids) भी कहा जाता है। एक ऐसी बीमारी है, जो किसी भी व्यक्ति को हो सकती है। गुदाद्वार के अंदर और बाहर मस्से हो जाने पर काफी तकलीफ देती है यह बीमारी भारत में नहीं बल्कि पूरी दुनिया में महामारी की तरह फैली हुई है। लगभग 60% लोग अपने जीवन के दौरान इस समस्या का सामना करते हैं।

अगर सही समय पर बवासीर का इलाज नही किया जाए। यह काफी पीड़ादायक बन जाता है। साथ ही भगंदर जैसी बड़ी बीमारी का कारण भी बन जाता है। हमने इस लेख में ऐसी जानकारियां दी हैं। जो बवासीर से छुटकारा दिलाने में सहायक है। इस लेख को पढ़ने के बाद आप यह जानने लगेंगे, बाबासीर क्यों होता है। इसका परमानेंट समाधान क्या है।

1. बवासीर क्या है? (what is hemorrhoids in Hindi?)

बाबासीर एक खून का गुच्छा है यह मल द्वार के अंदर और बाहर यानी लैट्रिन के रास्ते में होने वाली बीमारी है। जो बहुत असहनीय पीड़ा दायक होती है। यह बीमारी गुदाद्वार के अंदर (रेक्टम) होती है। जो धीरे-धीरे बढ़कर गुदाद्वार (एनल) के बाहर आ जाती है।

2. बाबासीर कैसे बनती है? (how hemorrhoids are formed? in Hindi)

  • बाबासीर गुदाद्वार में खून की नसों में अधिक दबाव होने के कारण होता है। जिसे विनस प्रेशर भी कहा जाता है। यह बीमारी 1 दिन में उत्पन्न नहीं होती। यह बीमारी धीरे-धीरे खून की नसों में दबाव होने के कारण बाबासीर बन जाती है। 
  • मांसपेशियों में कमजोरी होने के कारण

खून की नसें मांसपेशियों पर टिकी होती हैं। जो कमजोर होने के कारण गुदाद्वार मैं लटक जाती है। यह प्रक्रिया भी बाबासीर होने का कारण है।

  • शौच के दौरान ज्यादा जोर लगाने पर नसों पर जोर पड़ता है। जिससे पाइल्स की समस्या होने का खतरा बढ़ जाता है।

3. बाबासीर के प्रकार? (types of hemorrhoids?)

  • खूनी बाबासीर- इस बाबासीर में मल त्याग के समय मस्से अंदर से बाहर की तरफ निकलते हैं। साथ में ब्लड आने की समस्या भी होती है जिससे शारीरिक कमजोरी भी होती है।
  • बादी बाबासीर इस बाबासीर के अंदर मस्से गुदाद्वार के आसपास चमड़े से जुड़े होते हैं। जो मल त्यागते समय बाहर आ जाते हैं। बाहर निकलने के कारण इसमें काफी दर्द होता है।

4. बवासीर के लक्षण (symptoms of piles in hindi)

बाबासीर के लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी है। क्योंकि आगे चलकर बड़ी समस्या बन जाते हैं। जिससे व्यक्ति को काफी परेशानियां देखनी पड़ सकती है। इसके लक्षण निम्न प्रकार के होते हैं।

  • गुदाद्वार के आसपास कठोर मस्से जैसा महसूस होता है इस में दर्द होना साथी ब्लीडिंग की समस्या बनी रहती है।
  • मल त्यागने के दौरान ज्यादा समय का लगना
  • लैट्रिंग पूरी तरह से ना आना या पेट ठीक से साफ ना होना।
  • सोच करने के बाद भी दोबारा जाने की इच्छा होना भी बबासीर का एक लक्षण है।
  • गुदाद्वार से मवाज निकालना तथा महसूस होना। जिस वजह से खुजली, जलन, सूजन और मस्सों में लालीपन के लक्षण दिखते हैं।
  • उठते बैठते जा चलते वक्त मस्सों में दर्द होना।
  • सोच के दौरान खून आना या सुई सी चुभन का महसूस करना।

5. piles ka ilaj के लिए घरेलू नुस्खे उपयोग और फायदे (Home remedies for the treatment of piles, uses and benefits in Hindi)

आप इन सभी घरेलू उपाय को बाबासीर के इलाज (Piles Treatment in Hindi) के लिए कर सकते हैं।

Piles Ka Ilaj
बाबासीर का घरेलू उपचार

खूनी बवासीर में मुलेठी का इस्तेमाल (Use of liquorice in bleeding piles in hindi)

  • एक गिलास पानी लें। 
  • एक चम्मच मुलेठी पाउडर मिलाकर रात में सोने से पहले लेने से खूनी बवासीर में आराम मिलता है। साथ ही कुछ दिन के प्रयोग से खून गिरना बंद हो जाता है।

खूनी बवासीर मैं नागकेसर मक्खन और मिश्री का इस्तेमाल (Use of Nagkesar butter and sugar candy in bloody piles in Hindi)

  • एक चम्मच मक्खन।
  • एक आधा चम्मच मिश्री।
  • एक आधा चम्मच नागकेसर।
  • इन सभी सामग्री को अच्छे से मिक्स करें।
  • अब इसका सेवन कर ले 

यह घरेलू असरदार उपाय खूनी बाबासीर में आराम दिलाता है।

एलोवेरा से बवासीर का इलाज (Hemorrhoids treatment with aloe vera in Hindi)

बाबासीर के इलाज के लिए एलोवेरा का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें anti-inflammatory गुण मौजूद होते हैं जो चिकित्सा के लिहाज से बाबासीर में फायदेमंद साबित हो सकते हैं। यह बवासीर में खुजली तथा जलन को दूर करने में सहायक हैं। इसका इस्तेमाल इंटरनल पाइल्स और एक्सटर्नल पाइल्स दोनों में किया जा सकता है। 

खूनी बवासीर में मक्खन और काले तिल के इलाज (Butter and black sesame treatment for bleeding piles in Hindi)

  • एक छोटे कटोरे में 10 ग्राम काले तिल पाउडर लें।
  • अब इसमें 1 ग्राम ताजा मक्खन डालें 
  • इन दोनों को अच्छे से मिक्स कर लें। 
  • इसका मिश्रण का सेवन करने से बवासीर में खून गिरने समस्या को दूर करता है।

नींबू और दूध से बाबासीर का इलाज (Treatment of Babaseer with lemon and milk in Hindi)

  • एक कटोरी में आधा नींबू का रस निकाल कर रख लें।
  • इसके बाद एक गिलास गाय का दूध लें। 
  • अब दूध के अंदर नींबू डाल कर तुरंत पीलें।
  • यह प्रयोग सुबह खाली पेट फ्रेश होने के बाद करें। साथ ही यह ध्यान रखें कि दूध नार्मल टेंपरेचर वाला ही प्रयोग करें। यह प्रयोग पाइल्स की समस्या को जड़ से खत्म करने में मदद करता है 

बवासीर के इलाज के लिए अनार, जीरा, सोंठ, अजवाइन और गुड़ का इस्तेमाल

(Use of pomegranate, cumin, dry ginger, carom seeds and jaggery for the treatment of piles in Hindi)

  • एक गिलास अनार का जूस लें। 
  • आधा चम्मच जीरा पाउडर डालें। 
  • आधा चम्मच सोंठ पाउडर डालें। 
  • आधा चम्मच अजवाइन पाउडर डालें।
  • अब इसमें 20 ग्राम गुड़ डालें।
  • सभी सामग्री को अच्छे से मिक्स कर लें
  • इस मिश्रण का दिन में एक बार प्रयोग जरूर करें यह पार्टी समस्या से छुटकारा दिलाने में बहुत ही कारगर घरेलू उपाय है।
  • एक्सटर्नल पाइल्स में एलोवेरा जेल से मालिश करने पर आराम मिलता है। 
  • ताजे एलोवेरा जेल को कुछ देर तक फ्रिज में ठंडा होने के लिए रख दें। इसके बाद इसे इंटरनल पाइल्स के अंदर उंगली द्वारा लगाएं। यह प्रयोग गर्मियों के मौसम में किया जा सकता है। इस प्रयोग से बाबासीर की समस्या में आराम मिलता है। 

इसके अलावा एलोवेरा का गूदा 250 ग्राम की मात्रा में खाया जा सकता है। जिससे पेट में कब्ज की समस्या दूर होगी। जो बाबासीर का एक प्रमुख कारण है।

छाछ का इस्तेमाल बाबासीर का इलाज के लिए (Use of buttermilk to treat Babaseer in hindi)

  • बवासीर की समस्या से छुटकारा दिलाने मे छाछ रामबाण का काम करता है। दिन में 3 घंटे के अंतराल में एक गिलास छाछ में एक चम्मच अजवाइन का पाउडर और स्वाद अनुसार काला नमक मिलाकर सेवन करें। इसके लिए घर में बने छाछ का इस्तेमाल करें। यह घरेलू उपाय बाबासीर पर काबू पाने में असरदार माना जाता है।

बवासीर के उपचार के लिए अंजीर का इस्तेमाल (Use of figs for the treatment of piles in Hindi)

  • 2 से 3 अंजीर रात में गर्म पानी में भिगोकर रख दें। सुबह फ्रेश होने के बात खाली पेट इसका सेवन करें। ऊपर से इसका पानी पीलें। यह प्रयोग बाबासीर में आराम दिलाने में सहायक है।

नारियल और छाछ से लाभ (Benefits of Coconut and Buttermilk in Hindi)

  • नारियल की जटाओ को जलाकर भस्म बना लें।
  • इसकी 1 ग्राम की मात्रा एक गिलास छाछ में काले नमक डालकर खाली पेट सेवन करें

 यह बाबासिर में लाभदायक घरेलू उपाय है।

बाबासीर में पपीते के लाभ (Benefits of papaya in piles in Hindi)

पपीता बवासीर के लिए लाभदायक होता है। क्योंकि इसके सेवन से मल मुलायम होता है, तथा मल त्यागने के दौरान दर्द नहीं होता। पपीता अपने दिन के भोजन में या रात के भोजन में शामिल कर सकते हैं।

Diet Care During Piles Disease In Hindi
बाबासीर का घरेलू उपचार

6. बवासीर की बीमारी के दौरान खानपान की देखभाल (Diet care during piles disease in Hindi)

  • उच्च मात्रा वाले फाइबर आहार का सेवन करें। जैसे फलों में पपीता, सेब, संतरा, मौसमी, अमरूद, अनार, चीकू आदि। सब्जियों में मूली खीरा चक अंदर शलजम फूलगोभी दो प्लीज हरी सब्जियां आदि।
  • भोजन के दौरान नियमित रूप से छाछ को घुट घुट कर करती है।
  • पूरे दिन में 3 से 4 लीटर पानी पीना चाहिए।

7. बाबासीर की बीमारी के दौरान अच्छी जीवनशैली (Good lifestyle during piles disease in Hindi0

  • प्रतिदिन नियमित रूप से एक्सरसाइज करना जरूरी है 
  • ज्यादा समय तक एक जगह पर ना बैठे।
  • यदि पूरे दिन खड़े होकर काम करना पड़ता है। बीच में रेस्ट देने के लिए जरूर बैठे हैं।

8. बाबासीर के दौरान परहेज (abstinence during hemorrhoids in Hindi)

  • जंक फूड से परहेज करें जैसे टिक्की, बर्गर, चाऊमीन, मोमोज, रोल, ब्रेड, पकोड़े, समोसे आदि।
  • तले हुए मसालेदार भोजन से परहेज करें।

9. गूगल के क्वेश्चन हब मैं लोगों द्वारा पूछे जाने वाले सवाल

(Frequently Asked Questions by People in Google’s Question Hub in Hindi)

प्रशन- बाबासीर और फिशर और भगंदर में अंतर?

उत्तर- बाबासीर मैं शौच के दौरान गुदाद्वार के आसपास सूजन होती है। यह खून के गुच्छे के रूप में मल त्याग के समय अंदर से बाहर की तरफ आती है। इसमें ब्लीडिंग होने की समस्या भी होती है, तथा दर्द की भी रहता है।

फिशर में गुदाद्वार के अंदर जख्म हो जाता है। जिससे जगह सुकुड़कर कर छोटी हो जाती है। यह मल त्याग के समय बहुत दर्द करता है। साथ ही चुभन और जलन भी होती है। साथ ही फिशर में शौच करने के बाद काफी देर तक दर्द और जलन की समस्या रहती है।

भगंदर में गुदाद्वार के आसपास छोटे-छोटे पिंपल के दाने की समस्या उत्पन्न होती है। यह दाना फटने के बाद इनमें से पल्स गंदगी बाहर निकलती है। जिसके छोटे-छोटे मुंह बन जाते हैं। 

प्रशन-बाबासीर में गोंद कतीरा के फायदे?

उत्तर- गोंद कतीरा बाबासीर में बहुत ही लाभदायक होता है यह बाबासीर होने की मूल वजह कब्ज को खत्म करता। इसके लिए आप चार गोंद कतीरा के दाने एक कटोरी पानी में रात भर भिगोंकर रख दें। सुबह के समय इसमें मिश्री और आधा नींबू डालकर 15 दिन तक सेवन करें। यह नुस्खा बाबासीर में बहुत ही आराम देता है।

प्रशन-बाबासीर में दही खा सकते हैं?

उत्तर- बाबासीर में दही का सेवन करना फायदेमंद होता है। दही में अजवाइन पाउडर या जीरा पाउडर डालकर खाने से बाबासीर में काफी आराम मिलता है।

प्रशन-बाबासीर का इंजेक्शन कैसे लगता है?

उत्तर- बवासीर का इंजेक्शन मस्सो पर लगाया जाता है। इंजेक्शन लगने के कुछ दिन बाद मस्से सुकून कर छोटे हो जाते हैं।

प्रशन-बवासीर में परहेज करना चाहिए?

उत्तर- बवासीर एक ऐसी बीमारी है। जिसमें परहेज करना बहुत ही जरूरी है। इसमें आपको तली भुनी मसालेदार तथा जंक फूड से परहेज करना चाहिए। क्योंकि यह कब्ज बढ़ाता हैं। जिससे मल हार्ड होता है, और शौच के दौरान बहुत ही पीड़ा होती है।

प्रशन-बाबासीर के पेशेंट शराब पिये तो क्या होता है?

उत्तर- बाबासीर में एक्सपर्ट द्वारा शराब से दूर रहने की सलाह दी जाती है। क्योंकि यह बवासीर के पेशेंट के लिए नुकसानदायक होता है।

प्रशन-बाबासीर एक बार जाने के बाद कितने दिन में वापस हो जाता है?

उत्तर- बाबा फिर एक बार होने के बाद दुबारा होने की संभावना व्यक्ति के जीवनशैली पर निर्भर करता है। यदि आप अधिक जंग फूड तला भुना मसालेदार और ऐसी चीज का सेवन करते हैं। जो कब्ज को बढ़ाती है, लंबे समय तक कब्ज का होना बाबासीर की समस्या को पैदा करता है।

प्रशन-बवासीर के मस्से धीरे-धीरे होते हैं या इकट्ठे?

उत्तर- बवासीर के मस्से एक बार में नहीं होते कब्ज होने के कारण गुदाद्वार की नसें कमजोर हो जाती है। जो बाहर की तरफ मस्से के रूप में लटक जाती हैं। यह प्रक्रिया धीरे-धीरे बाबासीर की समस्या बन जाती है

प्रशन- क्या खूनी बवासीर में तीखा अचार खाया जा सकता है 

उत्तर- खूनी बवासीर बादी बवासीर में तीखा अचार खाने से परहेज करना चाहिए। क्योंकि यह सूजन और जलन की प्रक्रिया को तेज कर देता है।

प्रशन- बाबासीर में सूजन को कैसे कम करें?

उत्तर- बवासीर में सूजन आसानी से कम किया जा सकता है। इसके लिए आपको सही खान-पान का ध्यान रखना होगा। फाइबर युक्त आहार अपनी डाइट में शामिल करें। जैसे पपीता, सेब, संतरा, अमरूद और अन्य रिश्तेदार फल सब्जियां आदि।

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