1. अश्वगंधा के फायदे Benefits of Ashwagandha online price

3
467

अश्वगंधा के फायदे, उपयोग, नुकसान, अन्य भाष में नाम

अश्वगंधा के फायदे
अश्वगंधा के फायदे,अश्वगंधा के फायदे

अश्वगंधा के फायदे- अश्वगंधा एक ऐसी आयुर्वेदिक मेडिसन है। जिसका उपयोग दुनिया भर में कई प्रकार की बीमारियों में किया जाता है। इसके अलावा इसका इस्तेमाल शारीरिक कमजोरी को दूर करने के लिए अथवा बॉडी बिल्डिंग में बॉडी और स्टेमिना बनाने में भी किया जाता है। मैं आज आपको इस लेख के माध्यम से अश्वगंधा के कुछ ऐसे फायदों (ashwagandha ke fayde) के बारे में बताऊंगा। जिसे जानकर आप अश्वगंधा के फायदे अच्छे से ले सकेंगे। यह एक गुणकारी औषधि है इसका सेवन कब और कैसे करना है। आपको पता होना चाहिए।

1. अश्वगंधा क्या है?

What is Ashwagandha?- अश्वगंधा एक जड़ी बूटी का पेड़ है। आयुर्वेद के अनुसार अश्वगंधा एक औषधीय है। इसका पेड़ 1 से 5 फुट ऊंचा होता है। इसकी शाखाएं पतली तथा उन पर रुवे होते हैं। पत्ते 2 से 4 इंच लंबे पतले नोक वाले होते हैं। इस वृक्ष के एक साथ दो पत्ते निकलते हैं, और उनका मुख अंदर की तरफ ह हैं। इसके फूल का रंग हरा पीला होता है, व फूल का आकार घंटी के समान होता है। 

इसके फूल पर रोवे होते हैं, जो इसकी सबसे बड़ी पहचान है। इसका फल टमाटर की तरह गोल आकार का होता है। जो आकार में टमाटर से काफी छोटा होता है। इस पर रसबेरी की तरह कवर चढ़ा होता है। यह शुरुआती दिनों में हरे रंग का होता है जो पकने के बाद लाल हो जाता है। इसके फल के बीज छोटे चपटे किडनी के आकार वाले होते हैं।

इन बीजों का इस्तेमाल अश्वगंधा लगाने के लिए किया जाता है। अश्वगंधा की मूल यानी जड़ का प्रयोग औषधि बनाने के लिए किया जाता है। इसकी जड़ ऊपर से हल्की भूरी अंदर से सफेद और मूली के समान होती है। इसकी क़्वालिटी की पहचान इसकी जड़ की लंबाई के हिसाब से की जाती है। जड़ जितनी लंबी होगी वह उतनी अच्छी क्वालिटी की मानी जाती है।

2. अश्वगंधा को अश्वगंधा क्यों कहा जाता है?

(Why is Ashwagandha called Ashwagandha?)

अश्वगंधा पौधे के किसी भी हिस्से को सूंघने पर घोड़े की गंध आती है। इस वजह से इसका नाम अश्वगंधा पड़ गया। अश्वगंधा का साइंटिफिक नाम विथेनीया सोम्निफेरा (withania somnifera) है। विथेनीया शब्द का मतलब पेड़ों की प्रजाति है, सोम्निफेरा शब्द का अर्थ है ऐसी चीज जिसेके सेवन से नींद आ जाए या शरीर रीलेक्शन हो जाए। अश्वगंधा में 40 विथानोलिडस 12 एल्कलॉइड और बहुत सारे साइटों इंडो साइट होते हैं जो बहुत सारे तरीके से शरीर को फायदा पहुंचाते हैं।

3. अश्वगंधा का अन्य भाषाओं में नाम

(Name of Ashwagandha in other languages)

  • अंग्रेजी भाषा में नाम (विथानिया सोम्निफेरा और विंटर चेरी)
  • हिंदी भाषा में नाम (अश्वगंधा, असगंधा नागोरी असगंध पुनीर)
  • उड़िया भाषा में नाम (असुंधा)
  • संस्कृत भाषा में नाम (वराहकर्णी, बलदा, वरदा, कुष्ठ, अश्वगंधा)
  • नेपाली भाषा में नाम (अश्वगंधा)
  • बंगाली भाषा में नाम (अश्वगंधा)
  • उर्दू भाषा में नाम असगंदनागोरी
  • तेलुगु भाषा में नाम (पनरुगड्डू), आंद्रा (आंद्रा), अश्वगंधी (अश्वगंधी)
  • पंजाबी भाषा में नाम – असगंडी
  • मलयालम भाषा में नाम – अमुक्कुरम
  • अरबी भाषा में नाम – तुखमे हयात, काकांजे हिंदी (काकनाजे हिंदी)
  • फारसी भाषा में नाम – मेहरनानबरारी, असगंध-ए-नागोरी (अशगंध-ए-नागोरी)
  • मराठी भाषा में नाम – (मराठी में अश्वगंधा) – अस्कंधा, तिलि
  • तमिल भाषा में नाम – चुवडिग, अमुक्कीरा, अमकुंग (अमकुलंग)
  • गुजराती भाषा में नाम – असंध, घोडासोड़ा, असोडा
  • कन्नड़ – अमंगुरा, वीरमद्लनागद्दी
अश्वगंधा के फायदे बीमारी में
अश्वगंधा के फायदे , अश्वगंधा के फायदे

4. अश्वगंधा के फायदे बीमारी में

(benefits of ashwagandha in disease)

दिमाग के लिए

अश्वगंधा के फायदे- आयुर्वेद में अश्वगंधा को मेधय रसायन भी कहा जाता है। इसका इस्तेमाल याददाश्त तेज करने के साथ-साथ कंसंट्रेट के लिए भी किया जाता है। यह स्टूडेंट या ध्यान से काम करने वालों के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसके अलावा चिंता तनाव को दूर करके दिमाग को शांत करता है। अगर आप इसका सेवन करते हैं,  यह आपके ब्रेन फंक्शन को भी बेहतर करता है। जिससे चीजों को अच्छे से समझने और सीखने में मदद मिलती है।

इसके अलावा यह दिमाग की कई डिसऑर्डर से भी बचाता है।

  • बाईपास डिसऑर्डर (bypass disorder)
  • अटेंशन डेफिसि हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर( Attention deficit hyperactivity disorder) 
  • ऑब्सेसिव कम्पलसिव डिसऑर्डर (obsessive compulsive disorder)

अश्वगंधा में न्यूरोडीजेनरेटिव प्रॉपर्टी पाई जाती है जो दिमाग से जुड़ी  बीमारियों में कारगर होती है। इसका इस्तेमाल भी बहुत किया जाता है। नीचे दिए गए डिसीज के लिए इसका उपयोग फायदेमंद होता है।

  • अल्जाइमर डिसीज (Alzheimer’s disease) 
  • पार्किंसन डिजीज (Parkinson’s disease)
  • स्पाइनल कॉर्ड इंजरी (spinal cord injury)
  • हंटिंगटोन डिजीज (Huntington’s disease)

इन सभी बातों से यह साबित होता है, अश्वगंधा पढ़ाई से लेकर कामकाज के लोगों को भूलने व दिमागी संबंधित समस्या से बचाता है।

ब्लड कॉर्टिसोल लेवल के लिए

अश्वगंधा के फायदे ब्लड कॉर्टिसोल लेवल कम करने में भी देखे जा सकते हैं। कॉर्टिसोल एक स्ट्रेस हार्मोन होता है। जो लंबे समय से स्ट्रेस की समस्या होने पर ब्लड में बढ़ जाता है। परिणाम स्वरूप डिप्रेशन एंजायटी या स्ट्रेस की समस्या पैदा हो जाती हैं। इसके अलावा ब्लड में कॉर्टिसोल लेवल का बढ़ना मोटापे की बीमारी पैदा कर सकता है। यदि लंबे समय से टेंशन से जूझ रहे हैं। आप चाहे जितना भी डाइटिंग करें आपका वजन तेजी से बढ़ता ही जाएगा। कुछ लोग इस समस्या को थायराइड मान लेते हैं। अगर बिना किसी वजह के आपका वजन बढ़ रहा है। अश्वगंधा का सेवन करने से वजन नियंत्रण तथ कम होने लगेगा।

पैंक्रियास के लिए

अश्वगंधा के फायदे पैंक्रियास को एक्टिवेट  करता है और इंसुलिन का सीकरिसियन बढ़ाने का काम करता है। इसका मतलब ऐसे लोग जिन्हें टाइप 2 डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए इंसुलिन का इंजेक्शन लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। अगर ऐसे लोग अश्वगंधा का सेवन करते हैं। उनकी पेनक्रियाज की एक्टिविटी बढ़ जाती है। जिस वजह से सही मात्रा में इंसुलिन   बनाने में मदद मिलती है।

ब्लड कोलेस्ट्रोल और ट्राइग्लिसराइड

अश्वगंधा के फायदे ब्लड कोलेस्ट्रोल और ट्राइग्लिसराइड लेवल को कम करने में सहायक मानी जाते है। जिन लोगों को हाई कोलेस्ट्रॉल और हार्ट से संबंधित किसी प्रकार की डिजीज है, अश्वगंधा का सेवन करना उनके लिए फायदेमंद हो सकता है। यह धीरे-धीरे हार्ट डिसीज की समस्या को कम करता है। जिन लोगों को हार्ट डिजीज की समस्या नहीं है। अश्वगंधा के सेवन से यह समस्या भविष्य में कभी नहीं होती।

फैट कम करने के लिए

अश्वगंधा के फायदे फैट कम करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकते है। अगर आप फैट कम करने के लिए नियमित डाइट और एक्सरसाइज को फॉलो करते हैं। आपको अच्छे परिणाम नहीं मिल रहे हैं, तो अश्वगंधा को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें इससे आपको 15 दिन में अच्छे परिणाम देखेंगे।

कैंसर सेल्स के लिए

अश्वगंधा की सबसे बड़ी खासियत है यह रक्त में रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पेशिस (Reactive Oxygen Species) पैदा करता है। जो शरीर में किसी भी तरह के कैंसर सेल्स पैदा होने रोक देता है। हमारी लाइफ स्टाइल ऐसी हो चुकी है। पलूशन के माहौल में रहना और खानपान में बदलाव के कारण कैंसर की समस्या पैदा हो सकती है। प्रतिदिन अश्वगंधा का सेवन करना आपको कैंसर की समस्या से बचाता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए

इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करने के लिए अश्वगंधा के फायदे देकर जा सकते हैं। यह शरीर को बीमारियों से मुक्त करता है। तथा बहुत सारे इन्फ्लेमेशन (inflammations) और बहुत सारे इंफेक्शन (infections) से बचाने में सहायक है।

अर्थराइटिस और सूजन के लिए

आपके शरीर पर किसी भी हिस्से में सूजन है या अर्थराइटिस की समस्या है। अश्वगंधा का सेवन करने से 21 दिन के भीतर अच्छे परिणाम देखने को मिलते हैं। 

टेस्टोस्टरॉन लेवल के लिए

अश्वगंधा का सेवन करना टेस्टोस्टरॉन लेवल को बूस्ट करने और मर्दाना ताकत में फायदेमंद होता है। यह शरीर पर मांस बढ़ाता है, हड्डियां मजबूत करता है, आवाज को बेहतर करके भारी बनाता है और बच्चा पैदा करने की काबिलियत मैं भी फायदेमंद होता है। यानी अश्वगंधा का सेवन करने से मसल मास बढ़ता है। हड्डियां मजबूत होती है और उनकी लंबाई बढ़ती है। यह टेस्टोरोन लेवल को बढ़ा देता है, जिससे आवाज बेहतर होती है। 

  •  स्पर्म क्वालिटी (Sperm Quality), 
  • स्पर्म क्वांटिटी (Sperm Quantity), 
  • स्पर्म मोतिलिटी (Sperm Motility) 

अश्वगंधा का सेवन करने से यह तीनों चीज बेहतर होती है।

5. बॉडी बनाने के लिए अश्वगंधा का उपयोग

(use of ashwagandha for body building)

बॉडी बनाने के लिए अश्वगंधा का उपयोग काफी समय से किया जा रहा है। बॉडी बिल्डिंग के लिए इसके अच्छे परिणाम देखे जा सकते हैं। 

तनाव को दूर करता है अश्वगंधा

किसी प्रकार का चिंता तनाव बॉडीबिल्डिंग करने वालों के लिए अच्छा नहीं माना जाता अश्वगंधा के सेवन से तनाव दूर होता है। जिससे दिमाग और शरीर रिलैक्स होते हैं। साथ ही खाया हुआ अच्छे से शरीर में लगता है।

नींद के लिए अश्वगंधा 

हर वह व्यक्ति जो अच्छी बॉडी बनाना चाहता है। उसे 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेना जरूरी है। अश्वगंधा के सेवन से गहरी वह अच्छी नींद आती है। जो बॉडी बिल्डिंग के लिए फायदेमंद होती है सोते समय हमारा शरीर रिलैक्स होता है। जिससे मसल्स अच्छे से रिपेयर होती है।

ताकत बढ़ाने के लिए

बॉडी बिल्डिंग में ताकत बढ़ाने के लिए अश्वगंधा का सेवन किया जाता है। इसके नियमित सेवन से शरीर में ताकत बढ़ती है। जिससे हेवी वेट लिफ्टिंग करने में मदद मिलती है।

शरीर में टेस्टोस्टरॉन बूस्ट करता है

बॉडी बिल्डिंग में नेचुरली टेस्टोरोन को बूस्ट करने के लिए अश्वगंधा का सेवन किया जाता है। यह एक नेचरली टेस्टोस्टरॉन बूस्टर का काम करता है। जिसका बॉडी पर कोई साइड इफेक्ट नहीं पड़ता है। और बॉडी पर तेजी से मांस चढ़ता है। मैंने आपको ऊपर के लेख में भी टेस्टोस्टरॉन बूस्ट करने के लिए बताया है।

दुबली पतली बॉडी के लिए

दुबले पतले लोग हमेशा अपने शरीर को लेकर परेशान रहते हैं। ऐसे में अश्वगंधा का सेवन करना उनके लिए रामबाण सिद्ध हो सकता है। यह शरीर सुडौल करता है, तथा शरीर पर तेजी से मांस चढ़ाने का काम करता है।

बॉडी बिल्डिंग के लिए अश्वगंधा का सेवन

250ml से 300ml दूध में 5 ग्राम अश्वगंधा और मिश्री दाने मिक्स करके रात में सोने से एक घंटा पहले लिया जा सकता है। ऐसा लगातार एक माह तक करने से आपको बेहतर रिजल्ट मिलेगा।  

6.  अश्वगंधा का उपयोग

(use of ashwagandha)

  •  आयुर्वेद के अनुसार अश्वगंधा का उपयोग दूध के साथ अच्छा माना जाता है। इसे शहद और पानी के साथ भी ले सकते हैं।
  • अगर किसी प्रकार की कोई बीमारी है तो इसका प्रयोग घी के साथ भी किया जा सकता है। 
  • मार्केट अश्वगंधा 5ml की टेबलेट फॉर्म में  उपलब्ध है। जिसे आप आसानी से कहीं पर भी कैरी कर सकते हैं। इसकी एक गोली सुबह  गोरी गोरी शाम को ले सकते हैं। अगर आप  एक्सरसाइज करते हैं। तो इसकी दो गोली भी ले सकते हैं।

7. अश्वगंधा के नुकसान

(disadvantages of ashwagandha)

अश्वगंधा का सेवन करने के फायदे बहुत हैं लेकिन इसका अधिक मात्रा में सेवन करने पर कुछ गंभीर परिणाम भी देखे जा सकते हैं। जिसे जानना आपके लिए बहुत जरूरी है। मैंने आपको अभी तक इसके फायदे बताए हैं। अब इसका अधिक सेवन करने का नुकसान बताऊंगा।

ब्लड प्रेशर में अश्वगंधा के नुकसान

लो ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे लोगों को अश्वगंधा के सेवन से परहेज करना चाहिए। क्योंकि इसके सेवन से रक्तचाप और कम होता है।

डायबिटीज रोगियों के लिए अश्वगंधा के नुकसान

वैसे तो डायबिटीज के लिए अश्वगंधा का सेवन फायदेमंद माना जाता है। लेकिन ऐसे लोग जो डायबिटीज के लिए दवा का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे लोगों को अश्वगंधा का सेवन करने से परहेज करना चाहिए।

शुगर लेवल में अश्वगंधा के नुकसान

ऐसे व्यक्ति जिनका पहले से ही शुगर लेवल कम होता है। उन्हें अश्वगंधा से परहेज करना चाहिए। क्योंकि यह शुगर लेवल को और भी कम कर देता है।

पेट के लिए सुगंधा के नुकसान

अधिक मात्रा में अश्वगंधा का सेवन करने से पेट की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। जो पेट दर्द, कब्ज, उल्टी और पेट खराब होने की समस्या को बढ़ा सकता है। इसलिए इसका अधिक मात्रा में सेवन बिल्कुल भी ना करें।

गरम शरीर वालों के लिए अश्वगंधा के नुकसान

जिन लोगों के शरीर का तापमान अधिक रहता है। ऐसे लोगों को अश्वगंधा का सेवन नहीं करना चाहिए। यह शरीर का तापमान और भी बढ़ाता है। जिससे बुखार और सिर दर्द की समस्या हो सकती है।

थायराइड में सुगंधा के नुकसान

हाईलाइट से पीड़ित लोगों को अश्वगंधा का सेवन नहीं करना चाहिए। यह थायराइड हार्मोन को वह भी बढ़ाता है। इसलिए इसके सेवन से परहेज करें।

गर्भवती महिलाओं के लिए अश्वगंधा के नुकसान

गर्भ के दौरान अश्वगंधा का सेवन करने से परहेज करना चाहिए। क्योंकि यह शरीर में एस्ट्रोजन लेवल को बढ़ा देता है। जिससे बिल्डिंग और सर दर्द की समस्या हो सकती है।

8. अश्वगंधा की तासीर कैसी होती है?

(What is the effect of Ashwagandha?)

अश्वगंधा जड़ी बूटी की तासीर गर्म होती है।

9. अश्वगंधा का प्राइस 

(price of ashwagandha)

100 ग्राम अश्वगंधा का ऑनलाइन प्राइस ₹125 से  ₹300 तक मिल जाता है। इसका प्राइस जितना अधिक होता है यह उतने ही प्रीमियम क्वालिटी का माना जाता है।

10. अश्वगंधा का चित्र तथा इसकी जड़ का चित्र

(Picture of Ashwagandha and its root)

अश्वगंधा का चित्र
अश्वगंधा के फायदे, अश्वगंधा के फायदे

अश्वगंधा का चित्र तथा इसकी जड़ का चित्र में नीचे डाल रहा हूं जिसे आप देखकर समझ सकेंगे कि अश्वगंधा पौधा दिखने में कैसा होता है इसकी जड़ कैसी होती है। जिसे हम इस्तेमाल करते हैं।

इस लेख के माध्यम से मैंने आपको अश्वगंधा के फायदे  उपयोग और नुकसान के बारे में बताया मुझे पूरी उम्मीद है। आपको इस लेख को पढ़कर मजा आया होगा। साथ ही आपका नजरिया अश्वगंधा को लेकर बदलेगा। लेकिन मैं आपको एक बात और बताना चाहता हूं। हर इंसान की प्राकृतिक अलग होती है। इसलिए अश्वगंधा या किसी भी प्रकार की भी चीज का सेवन करने से पहले अपने न्यूट्रिशन की सलाह जरूर लें जिससे आपको बेहतर  मार्गदर्शन मिलेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here